ट्रम्प खुद के लिए एक रिस्क क्यों कहे जाते हैं?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चर्चे आपने खूब सुने होंगे, लेकिन क

भी-कभी उनका यही स्टाइल उनके लिए एक खतरा बन जाता है।
और आपको जानकर हैरानी होगी कि वो शायद ऐसे एकमात्र राष्ट्रपति हैं जो सबसे ज़्यादा रिस्क लेने वाले लीडर माने जाते हैं।
तो चलिए, आज इसी राज़ से पर्दा उठाते हैं। दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सिक्योरिटी एक मिलिट्री ऑपरेशन जितनी ही कठिन होती है।
उनकी सुरक्षा US Secret Service करती है। दरअसल, ये एजेंसी President, Former Presidents और Presidential Candidates को प्रोटेक्ट करती है।लेकिन जब बात डोनाल्ड ट्रम्प की आती है, तो ये सिक्योरिटी और भी ज़्यादा रिस्की हो जाती है, क्योंकि उनका स्टाइल ही कभी-कभी उनका सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है। तो चलिए अब जानते हैं उनकी सुरक्षा की एक-एक डिटेल। वीडियो में हम राष्ट्रपति की सुरक्षा एजेंसी, गाड़ियाँ, उनका काफिला, उनका हवाई सफ़र
और अगर राष्ट्रपति को किसी देश जाना होता है तो कैसी तैयारियाँ होती हैं — सब कुछ जानेंगे। इसलिए वीडियो को अंत तक ज़रूर देखिएगा।
सबसे पहले जानते हैं कि राष्ट्रपति की सुरक्षा आखिर कौन करता है?
राष्ट्रपति की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी US Secret Service को दी गई है, लेकिन ये सुरक्षा एक मिलिट्री ऑपरेशन क्यों बन जाती है — ये जानते हैं। दरअसल, ट्रम्प को लोग बेइंतिहा प्यार करते हैं, लेकिन जब इतने ज़्यादा चाहने वाले होते हैं, तो मुश्किल और बढ़ जाती है। क्योंकि वो बिना डरे भीड़ में जाते हैं, लोगों से मिलते हैं, उनकी रैलियाँ भी ओपन होती हैं और उनका unpredictable behavior ऐसे में खतरा और बढ़ा देता है। इसके साथ एक और दिक्कत है — या तो लोग उनसे बहुत प्यार करते हैं या फिर बहुत नफ़रत। अपने खुले और विवादित बयानों की वजह से वो कई बार soft target भी बन जाते हैं। इसीलिए जब राष्ट्रपति ट्रम्प व्हाइट हाउस से बाहर निकलते हैं, तभी से वो दुनिया के सबसे most guarded person बन जाते हैं।
24×7 क्लोज़ प्रोटेक्शन, Snipers, Counter-Snipers, Advance Team — सब काम पर लग जाते हैं। इनका काम क्या होता है, आगे वीडियो में डिटेल में समझेंगे।
अब उनके गाड़ियों के काफिले को समझते हैं
संख्या की बात करें तो ट्रम्प के काफिले में आमतौर पर 40 से 50 गाड़ियाँ होती हैं। कभी-कभी ये संख्या 25 भी हो सकती है। ये जगह, थ्रेट और ट्रम्प के मूवमेंट के हिसाब से बदलती रहती है तो आखिर ये गाड़ियाँ करती क्या हैं? सबसे आगे होती हैं Local Police की मोटरसाइकिलें और कारें, जो रास्ता क्लियर करने और ट्रैफिक रोकने का काम करती हैं। उसके बाद आती हैं Armored SUVs और Electronic Counter-Measures Vehicles, जिनमें Jamming Devices होते हैं, जो बॉम्ब या Remote Detonation को रोकती हैं। और फिर सेंटर में होती है — “The Beast”, यानी वो लिमोज़िन जिसमें राष्ट्रपति ट्रम्प चलते हैं। इसके फीचर्स:
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वज़न: 15,000–20,000 पाउंड (लगभग 7–9 टन)
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Bulletproof Glass: 5 इंच मोटा
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Armored Body: 8 इंच मोटी
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Run-Flat Tyres (पंक्चर के बाद भी कई किलोमीटर तक चल सकते हैं)
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Smoke Screen
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Tear Gas Cannons
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Oil Slick System
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Electrified Door Handles (शॉक देने वाले) मतलब ट्रम्प की बिना मर्ज़ी के गाड़ी को कोई छू भी नहीं सकता।
इतना ही नहीं, राष्ट्रपति का blood type भी गाड़ी में स्टॉक रहता है। चालाकी के लिए एक जैसी दूसरी “Beast” भी चलती है, जो कभी-कभी बैकअप का काम करती है।
इसके साथ होती हैं: Counter-Assault Team (CAT) की SUVs, Ambulance, Press Vans, Communication Vehicles, Anti-Aircraft Guns वाली SUVs, और पीछे से पुलिस व सपोर्ट व्हीकल्स।
अब जानते हैं राष्ट्रपति हवाई सफ़र किसमें करते हैं
इसके लिए दो ऑप्शन होते हैं:
Long Distance → Air Force One
Short / Local Travel → Marine One (Sikorsky VH-92)
Air Force One दरअसल दो हाईली मॉडिफाइड Boeing 747-200B एयरक्राफ्ट हैं (टेल नंबर: 28000 और 29000)। जब राष्ट्रपति बोर्ड पर होते हैं, तभी इसे
“Air Force One” कहा जाता है। स्पीड: 1015 km/h इसे आप हवा में उड़ता हुआ Mini White House कह सकते हैं.
इसके अंदर:
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Full Command Center
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Conference Room
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President का Private Suite
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Kitchen
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Medical Facility
इसके अलावा:
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In-Flight Refueling
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Anti-Missile System
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Secure Communications
(यहाँ से Nuclear Codes तक Activate किए जा सकते हैं)
अगर ट्रम्प किसी दूसरे देश जाते हैं तो सुरक्षा कैसे होती है?
किसी भी US President के विदेशी दौरे की तैयारी 2–3 महीने पहले शुरू हो जाती है। मान लीजिए किसी President को जनवरी में भारत आना है, तो अक्टूबर-नवंबर से तैयारी शुरू हो जाती है। कब जाना है, Motive क्या है, कितने दिन के लिए, Visit का Main Objective क्या है . ये सब मिलकर National Security Advisor,
National Security Council और Chief of Staff तय करते हैं — President की सहमति से। इसके बाद Advance Survey Team भेजी जाती है, जो Host Country में जाकर:
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Airport
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Hotel
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Event Venue
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Routes
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Backup Roads
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Nearby Hospitals & Helipads
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CCTV Coverage
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Signal Dead Zones
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High-Rise Buildings
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Residential Verification
सब कुछ चेक करती है।
High-Rise Buildings को या तो सील किया जाता है
या Residents की Verification होती है।
Hotel में:
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Safe Floor Decide किया जाता है
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Duplicate Kitchen Setup
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Reserved Lifts
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Blocked Corridors
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Room Keys बदली जाती हैं
Airport का एक हिस्सा US Secret Service के कंट्रोल में चला जाता है। Fuel अमेरिका भेजकर टेस्ट किया जाता है। Sniper Positions, Anti-Drone Radar Systems, Jammers, और यहाँ तक कि ज़मीन के नीचे मौजूद Tunnels की Vibration Testing भी की जाती है। जैसे 2015 में जब Barack Obama आए थे,
तो IGI Airport पर High-Level Surveillance रखा गया था और Entry-Exit Routes भी Reserve किए गए थे। खबर को विडिओ मे देखने के लिए यहां क्लिक करें https://youtu.be/SQsZUAB1D1k